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Adventure

Aagosh

By admin Sep 26, 2026 12 Views

आज वो बहुत उदास था, शायद आज फ़िर उसका दिल टूट गया था। वो अकेले ही समन्दर की तरफ़ चल पड़ा , मन में वही भाव , मायूसी और चेहरे पे वही सिकन। शिकायतें करना छोड़ दिया था उसने, उसे लगता था कि कोई सुनने वाला नहीं है । दुनिया में कही खुदा नहीं है। उसे लगा हम बस मिट्टी के पुतले है हमारे बस में कुछ नहीं।

वो एक लय से बढ़ रहा था तेज़ी से समंदर की ओर , शायद वो तलाश में था की कही समंदर उसे शांति दे। रास्ते से होता हुआ वो पहुँचता है बीच पे , रात का वक़्त था ,समंदर की आवाज़ , लहरों की अठखेलियाँ, चाँदनी सब कुछ मन को मोह लेने वाला।

वो बैठता है एक पल को निहाराता है सब कुछ और उसकी आँखों से बह निकलती है आंशुओ की धारा, बहुत ख़ामोशी से। वो ख़ामोश है कोई आवाज़ नहीं बस आँसू है कि आए जाते है। इन आँसू के साथ ही वो हल्का हो जाता है। मानो बादल ने बरस कर प्रकृति को हरा भरा कर दिया , धो दिया धूल के आवरण को ।

अब ख़ामोशी है आँखों पे भी , शायद कई चीज़ें आँसुओं के साथ बह गयी। वो बस समंदर को देख रहा है। वो कितनी मस्ती में है अपनी लहरो में झूम रहा है। जितना बाहर से मस्त है , लहरें लिए हुए है ,उफान है , अंदर से उतना ही शान्त। उसे लगता है जैसे समन्दर उसकी तरफ़ बढ़ता आ रहा है ।चाँद अपनी चाँदनी में मस्त है, वो बस सुनहरी रात को अपनी चाँदनी से रोशन कर रहा है । सारे रास्ते चल रहे है। आसमान के तारे टिम टिमा रहे है। लोग आ रहे है और जा रहे है । वो देखता रहता है हर चीज़ को बड़े ध्यान से । दूर कही रोशनी दिखायी दे रही है । कभी बादल आ रहे है कभी जा रहे है । समन्दर कभी तेज़ होता कभी मद्धम ।

समन्दर पे चाँदनी फैली हुई दूर दूर तक , पता नहीं कहा तक समन्दर है। वो खोया है आग़ोश में रात कैसे गुज़र रही है उसे ख़ुद नहीं पता। उसे ये तक होश नहीं की उसने ना कुछ खाया है ना पिया है । वो आग़ोश में है